Gold Silver Sell Karna Mana Hai—— MCX Silver Futures Prices Above 46400 Big Blast, Any Big Panic Buy – Neal Bhai
Gold Updates : MCX Gold Futures Prices Above 38877 Big Blast On Chart – Buy and Sleep
नए साल के पहले हफ्ते में डिस्काउंट डबल होकर 8 डॉलर प्रति औंस हुआ
ईटी: गोल्ड की डिमांड में कमजोरी और सप्लाई अधिक होने से बुलियन डीलर्स ने ज्वैलर्स को गोल्ड पर अधिक डिस्काउंट देना शुरू कर दिया है। नए साल के पहले सप्ताह में गोल्ड पर डिस्काउंट दोगुना होकर 8 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। बुलियन डीलर्स ने बताया कि गोल्ड की कीमतें और चढ़ने पर डिस्काउंट बढ़ सकता है।
नए साल से पहले डॉलर के छह महीने के निचले स्तर के करीब पहुंचने से गोल्ड के इंटरनेशनल प्राइसेज में गुरुवार को तेजी आई। अमेरिकी इकनॉमी की रफ्तार धीमी होने की आशंका से डॉलर कमजोर हुआ है। 2019 में बुलियन ने 2010 के बाद से सबसे अधिक वार्षिक रिटर्न दिया।
Read More : MCX Silver Target : 2020 में चांदी होगी ₹54,000 —₹56,000 के पार
डिस्काउंट की वजह
मुंबई के झावेरी बाजार में बुलियन डीलर मुकेश कोठारी ने बताया कि कम डिमांड के कारण डिस्काउंट बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘दिसंबर के मध्य से लेकर मकर संक्राति तक हिंदुओं के लिए अच्छा समय नहीं माना जाता। इसी कारण से इस अवधि में गोल्ड की खरीदारी कम हो जाती है।’
सेन्को गोल्ड एंड डायमंड्स के शंकर सेन ने कहा कि गोल्ड के कुछ खरीदार हैं लेकिन सेल्स बढ़ नहीं रही। उन्होंने बताया, ‘कीमत कम होने या इकनॉमिक ग्रोथ बढ़ाने वाला कोई मजबूत कारण मिलने तक, हमें गोल्ड की खपत बढ़ने की उम्मीद नहीं है।’
एनालिस्ट्स का कहना है कि इस साल गोल्ड की कीमतें मजबूत रह सकती हैं। गोल्ड का प्राइस गुरुवार को 3.63 पर्सेंट की तेजी के साथ 39,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा।
कॉमट्रेंड्ज रिसर्च के डायरेक्टर ज्ञानशेखर त्यागराजन ने कहा, ‘गोल्ड को इस साल सपोर्ट मिलेगा। गोल्ड में अभी तेजी आने का कारण डॉलर का कमजोर होना है। लेकिन दुनिया के कई देश रेट में कटौती करेंगे। इससे गोल्ड में तेजी आएगी।’ 2020 की दूसरी छमाही में अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव होना है। इससे मार्केट में अस्थिरता आएगी और गोल्ड के प्राइसेज को सपोर्ट मिलेगा। हालांकि, हमें यह देखना होगा कि बड़ी इकनॉमीज इस वर्ष कैसा प्रदर्शन करती हैं।’
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दुनियाभर में कम इंटरेस्ट रेट्स से शेयर प्राइसेज में तेजी आएगी। इससे वैल्यूएशन पीक लेवल के करीब पहुंच सकता है। गोल्ड जैसे निवेश के लिए सुरक्षित माने जाने वाले एसेट्स की कीमतें चढ़ने के लिए कारण मौजूद हैं।
- SEBI Cautions Investors on Digital Gold Risks: Know the Facts
- US Senate Moves to Avert Federal Shutdown — Crucial Funding Bill Advances Toward Passage
- Gold Prices Likely To Stay in Correction Mode Ahead of Key US, China Economic Data – Analysts Warn
- Stock Market Outlook: Inflation Data, Q2 Earnings & Global Cues To Shape This Week’s Market Trend
- Aluminium Prices Drop to Two-Week Low | Weak Stock Levels Pressure Global Metal Markets
अप्रैल-नवंबर में इंपोर्ट 7% घटा
देश का सोना आयात चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-नवंबर अवधि में करीब सात प्रतिशत गिरकर 20.57 अरब डॉलर रह गया। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2018-19 की इसी अवधि में यह आंकड़ा 22.16 अरब डॉलर था। सोने के आयात में कमी से देश के व्यापार घाटे को कम करने में मदद मिली। 2019-20 के अप्रैल-नवंबर में व्यापार घाटा कम होकर 106.84 अरब डॉलर रहा। एक साल पहले इसी अवधि में व्यापार घाटा 133.74 अरब डॉलर पर था।
सोने के आयात में इस साल जुलाई से ही कमी दिख रही है। हालांकि अक्टूबर में यह करीब 5 प्रतिशत बढ़कर 1.84 अरब डॉलर और नवंबर में 6.6 प्रतिशत बढ़कर 2.94 अरब डॉलर रहा। भारत दुनिया में सबसे बड़ा स्वर्ण आयातक है और मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करने के लिए आयात किया जाता है।
देश का सालाना स्वर्ण आयात 800-900 टन है। सरकार ने व्यापार घाटा और चालू खाते के घाटे पर सोने के आयात के नकारात्मक प्रभाव कम करने के लिये इस साल के बजट में पीली धातु पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत किया था।
| Follow us on |
| Telegram, Whatsapp , Facebook, Twitter, Instagram, YouTube, Google Business Profile and Truth Social. |