सोने के बाजार को एक साथ दो झटके लगे एक अमेरिका से और दूसरा चीन से. पहले झटके में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने साफ संकेत दिए कि अब ब्याज दरों में आगे कटौती की उम्मीद बहुत कम है. दूसरी ओर चीन ने गोल्ड रिटेलर्स को दी जाने वाली टैक्स छूट खत्म कर दी. इन दोनों खबरों के बाद गोल्ड की चमक फीकी पड़ गई और कीमतें $3,940 प्रति औंस के करीब फिसल गईं जो एक महीने का सबसे निचला स्तर है. वहीं, भारत में बात करें तो दाम रोजाना गिर गिर रहे हैं. 5 नवंबर 2025 को भारत में सोने के IBJA (Indian Bullion and Jewellers Association) के मुताबिक मौजूदा भाव-5 नवंबर 2025 के IBJA रेट (लगभग)
अमेरिका
Gold Rate Today: सस्ता हुआ सोना, चांदी की कीमत में भी आई गिरावट
सोने के साथ ही चांदी के भाव में भी शुक्रवार को गिरावट दर्ज की गई है। चांदी में शुक्रवार को 200 रुपये की गिरावट आई है। इस गिरावट से चांदी का भाव 47,695 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया है। गौरतलब है कि चांदी गुरुवार को 47,895 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बंद हुई थी। औद्योगिक इकाइयों और सिक्का कारोबारियों की लिवाली में कमी के चलते चांदी के भाव में यह गिरावट आई है।
Gold Silver Investor Only Buy, Target 40100—40500, सोने के दामों में आई जबरदस्त गिरावट
ईरान के साथ करीब एक सप्ताह से जारी तनाव के बीच अमेरिका के नरम रुख के कारण विदेशों के साथ स्थानीय बाजार में भी सोने के दाम में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। आज 10 ग्राम सोने का भाव 1,160 रुपये टूटकर 41,170 रुपये पर आ गया। चांदी 1,735 रुपये लुढ़ककर करीब एक सप्ताह के निचले स्तर 47,825 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गयी।
अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर पर वार्ता का पहला दिन, सीमित समझौते की बढ़ी उम्मीद
अमेरिका और चीन के बीच करीब 15 महीने से जारी ट्रेड वॉर से दुनिया को कुछ राहत मिलती दिख रही है. अमेरिका और चीन के वार्ताकारों के बीच गुरुवार को दो दिवसीय वार्ता का पहला दौर संपन्न हुआ है. कारोबार जगत को उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच कुछ सीमित समझौता हो जाएगा और अमेरिका प्रस्तावित टैरिफ बढ़त को रोक देगा.
अमेरिका ने नवंबर से ईरान के कच्चे तेल पर भी पाबंदी का संकेत – Gold Silver Reports
Gold Silver Reports (GSR) — ग्लोबल मार्केट में कच्चा तेल काफी मजबूत हो गया है। ब्रेंट में 76 डॉलर के ऊपर कारोबार हो रहा है। दरअसल रूस और वेनेजुएला का उत्पादन लगातार कम हुआ है। वहीं इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने वेनेजुएला के उत्पादन पर आगाह भी किया है, क्योंकि से इस लाख बैरल के भी नीचे आ गया है।